वह टॉपर बन रहे हैं और जो नहीं वो एवरेज स्टूडेंट बन रहे हैं इनफैक्ट मुझे भी बिल्कुल हाल ही में इस लूप होल के बारे में पता चला मुझे बस दो मिनट दो आपको भी इसकी गंभीरता समझ आ जाएगी और साथ ही हमने इस BLOG में एक बहुत ही इंटरेस्टिंग एक्सपेरिमेंट भी किया है जिसके सक्सेस होने से मैं खुद भी शौक हो गया हूं मानना पड़ेगा भाई क्योंकि ये एक बच्चे को लिटरली टॉपर बना सकता है सो गाइस आज के इस BLOG में ना दो बड़े गुड न्यूज़ है और एक बैड न्यूज़ पहले क्या सुनना चाहोगे चलो पहले बैड न्यूज़ से ही शुरुआत करते हैं सो एग्जाम्स इंडियन एजुकेशन सिस्टम की रीड की हड्डी है राइट चाहे वो स्कूल की परीक्षा हो यूनिवर्सिटी का फाइनल पेपर या फिर कोई कॉम्पिटेटिव एग्जाम एग्जाम्स ही अल्टीमेटली किसी भी स्टूडेंट का फ्यूचर डिसाइड करता है मगर इन सभी एग्जाम्स को देने वाले स्टूडेंट्स में एक मेजर अंतर आप जानते हो क्या है कुछ बच्चों के लिए एग्जाम देना और टॉप करना एकदम हवा होता है और वहीं पर बाकी के 90 पर बच्चों के लिए वही सेम एग्जाम दर्द की घड़ी होती है अगर आपको मेरी स्टोरी पता है तो मैं पर्सनली उन 90 पर बच्चों में से एक एक था जो एकेडमिक एग्जाम्स में कभी बहुत अच्छे मार्क्स नहीं लाया जबकि क्लास में मैं मोस्टली सारे सवालों के जवाब दे देता था और रीजन यह था कि मुझे तभी एक टॉपर की असली सीक्रेट ही नहीं पता थी दरअसल फैक्ट ये है कि हमारा एग्जाम सिस्टम फॉर द मोस्ट पार्ट ऐसा डिजाइंड है कि वो ये नहीं देखता कि आपको नॉलेज कितना है या आपका कांसेप्ट कितना क्लियर है आप कितना समझते हो चीजों को इवन ये भी नहीं देखता कि आप कितने इंटेलिजेंट हो बल्कि इंडियन एग्जाम्स बस यह देखते हैं कि आपकी मेमोरी कितनी स्ट्रांग है है जिससे आप क्वेश्चंस को रिकॉल करके उनके आंसर्स दे पाते हो कि नहीं और सबसे बड़ी प्रॉब्लम एगजैक्टली यही है कि अगर एक बच्चे का फ्यूचर सिर्फ और सिर्फ उसके मेमोरी और आंसर्स याद करने की एबिलिटी की वजह से आए मार्क्स पर ही डिपेंड करने वाला है |
तो क्यों स्कूल लेवल से ही कोई फॉर्मल मेमोरी ट्रेनिंग नहीं कराई जाती है जिससे हर बच्चे को एक दिशा मिले कि पढ़े हुए आंसर्स को इफेक्टिवली याद रखकर टॉपर जैसे हाई मार्क्स कैसे स्कोर स कर सके इन फैक्ट टॉपर्स काना बस यही सीक्रेट होता है कि वो बड़े से बड़े आंसर्स को इफेक्टिवली मेमोराइज करने में स्किल्ड होते हैं और एगजैक्टली एग्जाम्स में वही आंसर्स लिखते हैं जो टीचर्स को चाहिए एंड एज अ रिजल्ट टीचर्स उन्हें फुल मार्क्स दे देती है जैसे जब मैंने यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक नंबर टू अनिमेश प्रधान जी का इंटरव्यू लिया था तो उन्होंने भी यही कहा था कि मैं नॉलेज गेन करने के हिसाब से नहीं पढ़ा मैंने एग्जाम्स में क्या आएगा उसके हिसाब से पढ़ा था एनी बुक आई हैड पिड अप और एनी कंटेंट दैट हैड पिड अप मैं उसको इसलिए नहीं पढ़ता था प्राइमर दैट आई हैव टू गेन नॉलेज आउट ऑफ इट दैट वाज अ सेकेंडरी पार्ट ऑफ इट द प्राइम मेमरी पार्ट पस का मुझे एग्जाम क्लियर करना है यानी कि मेमोरी का स्ट्रेटेजिक इस्तेमाल किया और बस इसी सीक्रेट ने उन्हें मैजिकली एक एवरेज स्टूडेंट से टॉपर बना दिया और हमारे जैसे एवरेज स्टूडेंट्स का क्या हम तो बस एक दो रात पहले एग्जाम के लिए पढ़ने बैठ जाते हैं और यह बात प्रूवन भी है बीबीसी कोटेड रिसर्च के मुताबिक ही 99 पर बच्चे क्रैमिंग यानी कि एग्जाम के दो-तीन रात पहले कितने भी किताब रटे पर इसका नतीजा हमेशा बुरा ही होता है मेजॉरिटी बच्चे पेपर सामने आते ही सब कुछ भूल जाते हैं अब मेमोरी का एग्जाम्स में कितना बड़ा रोल है यह बात पर्सनली मुझे तब समझ आई जब मैं खुद अपने एडु वेदा के कोफाउंडर मेमोरी मैन महेश गौड़ जी से [संगीत] मिला जिनके पास डॉक्टरेट सीए जैसे 10 प्रोफेशनल डिग्रीज है जिनमें से नाइन में इन्हें गोल्ड मेडल मिला है जस्ट इमेजिन 10 डिग्रीज जिसमें से नौ में गोल्ड मेडल ये एकदम असामान्य काम है लेकिन महेश सर से जब मैंने पूछा किन तगड़े अकेडमी अचीवमेंट्स के पीछे का सीक्रेट क्या था तो उन्होंने सिंपली कहा कि उनके मेमोरी टेक्निक्स थे जो उन्होंने जैसे-जैसे वो पढ़ते गए वो खुद डिजाइन करते गए जस्ट टू टॉप इन एग्जाम्स वो नए आंसर्स याद करने के लिए 10 मिनट में ही नए टेक्निक्स बना दिया करते थे जिससे वो आंसर्स उन्हें हमेशा के लिए याद हो जाते हैं बट चलो ये तो उनकी मेमोरी पहले से ही शार्प होगी इसीलिए याद होता होगा उन्हें राइट एवरेज बच्चा थोड़ी ना ये सब कुछ कर सकता है राइट जिसे गलत प्रूफ करने के लिए उन्होंने कहा कि आप तो साइंस चैनल चलाते हो जब तक आप खुद नहीं यकीन करोगे तब तक आप बिलीव नहीं करोगे और इसीलिए आप ही एक टेस्ट एक्सपेरिमेंट करके खुद ही क्यों नहीं देख लेते फिर हमने एक छोटा सा टेस्ट डिसाइड किया जिसमें हमने एक बुक स्टोर से एक वोग मैगजीन की लेटेस्ट एडिशन उठाई जिस मैगजीन को वो अपने एक स्टूडेंट को एकदम पेज बाय पेज पूरा याद करवाएंगे और मैं और मेरी टीम पर्सनली उसे टेस्ट करेगी और ये है वो BLOG जहां पर मैंने पर्सनली टेस्ट किया सो गाइस आज हमारे साथ है खदीजा जो कि एक स्टूडेंट है इन्होंने बेसिकली इस मैगजीन को याद किया है वोक की मैगजीन है और एकदम लेटेस्ट एडिशन है जो आप देख सकते हो |
जून का एडिशन है ये ठीक है तो इसे बाय हार्ट किया है और अब हम क्या करेंगे कि हम पेज नंबर वाइज पूछेंगे इनको कि उस पेज में क्या है ठीक है उस पेज में एकदम विजुअली बताएंगे कि क्या है सो लेट्स चेक ठीक है अंकित इसमें से जरा पेज नंबर कोई भी रैंडम पिक करो पहले मैं शफल कर लेता हूं शफल कर लो आप रेडी हो यस पेज नंबर 23 पेज नंबर 23 पे मनीष मलोतरा का पहले एम लिखा है फ नीचे लिखा है मनीष मलोतरा हाई जल ओके पेज नंबर 53 पेज नंबर 53 पर लोरेल का है जो कि एक लड़की है जिसने रेड कलर का लिपस्टिक लगाया है पहले और नीचे एक लड़की है जिसने पिंक कलर का लगाया है पेज पेज नंबर प एक लड़की ने पूरा ब्लैक कलर का ड्रेस पहना है गोल्डन से एंब्रॉयडरी है गोल्डन और सिल्वर इयररिंग्स पहने है जो कि सिल्वर में है और लीफ शेप में ग्रीन कलर के ऐसे डिजाइन किए गए हैं दोनों हाथ प रिंग पहनी गई है अब ऐसा करते हैं कि हम बताते हैं कि क्या है पेज में आप पेज नंबर बताना ओके ठीक सो रिवर्स लेट्स सी दिस ओके सो ऐसा कौन वो कौन सा पेज नंबर है है जिसमें बेसिकली दो लेग्स है और सॉक्स में फ्लावर्स के डिजाइंस है वाइट कलर के जूते पहने हैं और आसपास पूरी हरियाली है और कुछ फ्लावर्स है पेज नंबर 52 क्या व ओके लेट्स सी [संगीत] अगेन ओके वो कौन सा पेज है जिसमें एक ब्लड लड़की है जिसने नेकलेस पहना है जो कि पर्पल वॉयलेट वॉयलेट और सिल्वर कलर का है और उसने एक इयररिंग्स भी पहना है जो भी वही कलर का है से और पिंक लिपस्टिक है पेज नंबर 58 क्या बात है पेज 58 है ऑसम अब एक लास्ट पेज नंबर 18 पे क्या है पेज नंबर 18 पेज नंबर 18 प एक लड़के है जिसने ब्राउन कलर का पूरा एक ड्रेस पहना है उसके कान में एक यरिंग है जो कि सिल्वर और कॉपर कॉपर ब्राउन से है और उसके हाथ में रिंग है जो कि वो भी सेम ही है और उसमें डायमंड है जो कि कॉपर ब्राउन में लगा हुआ है हाथ में दोनों हाथ में उसने ब्रेसलेट सेम ही पहना है और नेकलेस है पतली सी चेन है फिर बीच में कर्व में सिल्वर कलर का पेंडेंट है जो कि थिक शेप में है मानना पड़ेगा |
भाई नाउ दैट वाज रियली फैसटिकट सर की स्टूडेंट ने लिटरली एकदम पिक्चर टू पिक्चर विद पेज नंबर याद कर लिया था एंड सबसे इंटरेस्टिंग बात पता है क्या है इस वीडियो को टास्क देने के कुछ आठ से 10 दिन बाद ही बनाया गया था यानी कि खदीजा ने ये 120 पेज की मैगजीन सिर्फ और सिर्फ आठ से 10 दिनों में ही याद कर ली मतलब इस पीज से सात सब्जेक्ट्स का सिलेबस सिर्फ और सिर्फ दो महीने 10 दिनों में में पूरा याद हो सकता है महेश सर ने कहा ऐसे लगभग 23 मेमोरी टेक्निक्स उनके पास है जिन्हें यूज करके बच्चा कुछ भी याद कर सकता है पढ़ाई का सिलेबस तो फिर भी बेसिक है और ये मेमोरी टेक्निक्स माइंड यू बच्चे एडल्ट्स बूढ़े हर कोई यूज करके अपनी मेमोरी को शार्प कर सकते हैं सो इसे ही लाइव अपनी आंखों के सामने देखने के बाद कॉन्फिडेंस डिवेलप होने के बाद मैंने महेश सर को स्ट्रेस किया कि जो टैलेंट आपके पास है बच्चों की मेमोरी को एनहांस करने का उनसे कुछ भी मेमराइज करवा पाने का ये लिटरली बच्चों के करियर बना सकता है और इसे हमें जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स तक पहुंचाना ही चाहिए क्यों सिर्फ टॉपर्स तक ही यह सीमित रहे और महेश सर जिन्हें मैंने पर्सनली एडु वेदा के कोफाउंडर के रूप में भी इसीलिए चुना क्योंकि उनके दिल में हमेशा से गिविंग माइंडसेट रहा है जितना हो सके वो बच्चों को वैल्यू देना चाहते हैं इवन लेस प्रिविलेज बच्चों को भी और एक बड़े स्केल पर एक पॉजिटिव इंपैक्ट क्रिएट करना चाहते हैं और इसीलिए हमने मिलकर एडु वेदा के ही अंडर एक नया youtube1 दम फ्री में स्टूडेंट्स को एकेडमिक फोकस्ड मेमोरी टेक्नीक सिखाएंगे टिप्स एंड ट्रिक्स रिवील करेंगे मेमोरी को शार्प करने की और उनकी तरह एक 10 डिग्र वाला टॉपर कैसे बनते हैं ये भी सिखाएंगे इसमें फ्री लाइव ट्रेनिंग भी होगी और youtube1 गुड न्यूज़ नंबर टू इससे भी बड़ी खुशखबरी है जो जस्ट अभी मैं रिवील करूंगा बट उससे पहले मैं बता दूं कि सीए डॉ महेश गड youtube1 कमेंट में भी होगा वीडियो को दो मिनट के लिए पॉज कर लो और अभी जाकर सब्सक्राइब कर लो क्योंकि आपका अच्छे मार्क्स लाने का एक सीक्रेट एडवांटेज हो सकता है अब बात करते हैं दूसरे गुड न्यूज़ की आप सभी व्यूवर्स को मेरे वीडियोस इसीलिए पसंद आते हैं क्योंकि वो आपकी क्यूरियोसिटी को ट्रिगर करते हैं | आपको नई इंटरेस्टिंग चीजें सिखाते हैं जिन्हें जान के आपको जस्ट मजा आ जाता है सो बेसिकली नॉलेज विद फन राइट बट स्कूल्स और कॉलेजेस में क्योंकि फोकस सिर्फ मेमोराइजेशन और मार्क्स लाने पर होता है क्यूरियस क्वेश्चंस को आउट ऑफ टेक्स्ट बुक बोलकर आउट ऑफ क्लासरूम कर दिया जाता है अब एजुकेशन का रियल गोल तो बच्चों में क्यूरियोसिटी पैदा करना ही होना चाहिए राइट ताकि स्टूडेंट्स नॉलेज के प्यासे बन सके और तभी वो क्रिएटिव रिसोर्सफुल और एक्सपेरिमेंटेटर्स रियल लाइफ में काम आती है वेल हमारे एजुकेशनल क्लासेस एडु वेदा में हमने इसी बात का ध्यान रखा है एडु वेदा के फ्री लाइव बैचेज सीबीएसई 12थ कॉमर्स के लिए 8थ जुलाई यानी कि कल से स्टार्ट हो रहे हैं जहां पर मुंबई की बेस्ट फैकल्टी जो खुद प्रोफेशनल डिग्री होल्डर्स है जैसे सीए सीएस एमबीए एटस वो आपको लाइफ पढ़ा ंगे इसी क्यूरियोसिटी को यूज करके आपका सब्जेक्ट्स में एक्चुअल इंटरेस्ट डेवलप करके और आपके क्यूरियस कांसेप्ट को क्लियर करके एक मेरा स्ट्रेंथ है कि मैं लोगों को क्यूरियोसिटी से पढ़ा सकता हूं और इन्हीं दोनों क्वालिटीज को मिक्स करके हमने कैंप मेथड बनाया है जिसमें सी मतलब स्टूडेंट्स को क्यूरियोसिटी से पढ़ाया जाएगा ए का मतलब है एकेडमिक एक्सीलेंस यानी कि मार्क्स अच्छे लाने पर भी पूरा फोकस होगा एम का मतलब है पावरफुल मेमोरी टेक्निक्स यूज करके आपको आंसर्स को याद कराया जाएगा ताकि आप उन्हें एग्जाम्स में रिटेन कर सको और पी यानी कि प्रेजेंटेशन जिसमें हम जितना हो सके विजुअली अपीलिंग प्रेजेंटेशंस यूज करेंगे आपको प पढ़ाने के लिए ताकि आप इंटरेस्ट से पढ़ो और उन्हें याद भी रख सको वंस अगेन 12 सीबीएसई कॉमर्स के फ्री लाइव बैचेज कल से स्टार्ट हो जाएंगे तो नीचे डिस्क्रिप्शन में या पिंड कमेंट पे लिंक पे जाओ जल्दी से चैनल को सब्सक्राइब कर लो और लाइव स्केड्यूल किए गए वीडियो में जाके नोटिफाई मी क्लिक कर दो ताकि जैसे ही फर्स्ट लेक्चर लाइव स्ट्रीम हो आप नोटिफाई हो सके अगर आप 10th स्टैंडर्ड में हो तो 10th स्टैंडर्ड के भी फ्री लाइव बैचेज 21 जुलाई से स्टार्ट हो जाएंगे आप भी नीचे डिस्क्रिप्शन में जाके या पिंड कमेंट प जाके चैनल को सब्सक्राइब करके रख सकते हो 10 स्टैंडर्ड का हमारा अलग चैनल है उसका भी लिंक नीचे है और अगर आप 11th में हो तो भी आपके लिए फ्री लाइफ बैचेज होंगे फर्स्ट वीक ऑफ अगस्त से ये स्टार्ट हो जाएंगे आप भी नीचे डिस्क्रिप्शन लिंक पे जाके चैनल को सब्सक्राइब करके नोटिफिकेशन बेल ऑन करके रेडी रहना बिल्कुल एक नए स्टाइल से पढ़ने के लिए अच्छा आल्सो डोंट फॉरगेट स्पेशल वो है जितना हो सके प्रैक्टिकल और रिलेटेबल नॉलेज देना यूजुअली क्या होता है ना टीचर्स कई बार वो सब्जेक्ट सिखाते हैं जिनका उनके पास खुद प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं होता फॉर एग्जांपल आप अकाउंट्स एक सीए से सीखना चाहोगे या एक अकाउंट्स टीचर से जिसने अकाउंट्स कभी खुद प्रैक्टिस ही नहीं कि है और इसके लिए हमने एडु वेदा में ऐसे टीचर्स अपॉइंट्स नॉलेज है जो फील्ड में एक्सपर्ट्स है जिनके पास सीए सीएस एमबीए जैसी प्रोफेशनल डिग्रीज है और यही एक्सपर्ट्स आपको एडु वेदा में पढ़ाएंगे कैंप मेथड को यूज करके सो अब यहां पर डेफिनेटली आपके दिमाग में एक बड़ा सवाल आ रहा होगा कि ये जो हम नया इनिशिएटिव ले रहे हैं ये जो हम बेस्ट एजुकेशनल वैल्यू डिलीवर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ये जो हम प्रीमियम एजुकेशन को ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं इस सबका कॉस्ट क्या होना चाहिए अगर आपको सीए डॉक्टर्स एमबीए जाकर पढ़ाते हैं तो उसका कॉस्ट क्या होना चाहिए वेल ओनली योर लव एंड अफेक्शन दैट्ची गेट सेट फ्लाई साइंस चैनल पर भी साइंस का एजुकेशन हमेशा से फ्री ही था इनफैक्ट मुझे आप लोगों को थैंक्स बोलना चाहिए क्योंकि आपने मेरे साइंस चैनल को इतना प्यार दिखाकर उसे 8 मिलियन सब्सक्राइबर्स तक पहुंचा दिया लाखों बच्चे आज इवन कॉमर्स बैकग्राउंड के बच्चे गेट सेट फ्लाई साइंस चैनल पर अपने साइंस का बेस बना रहे हैं आज अपनी लाइफ को एक साइंटिफिक सोच से एंपावर कर रहे हैं यही एंपावरमेंट हमारा मोटिवेशन है हमारी एक्चुअल करेंसी है और हम अब इसे स्केल करके इवन एकेडमिक एजु में भी इंडियन यूथ को एंपावर करना चाहते हैं सोसाइटी में और पॉजिटिव इंपैक्ट करना चाहते हैं आज तक जो कुछ भी हमने अपनी जर्नी में सीखा उसे बेस्ट यूटिलाइज करके हम एजुकेशन सिस्टम में एक पॉजिटिव चेंज लाना चाहते हैं हमें बस आपका प्यार और सपोर्ट चाहिए एंड यस जेनुइन फीडबैक्स भी कि हम अपने कोचिंग को और बेहतर कैसे कर सकते हैं इन द फॉलोइंग डेज इस तरीके से कि एक दिन हम हमारे अल्टीमेट विजन को रियलिटी बना पाए और एक मीनिंगफुल इंपैक्ट क्रिएट कर पाए इंडियन सोसाइटी में थैंक यू सो मच फ्रेंड्स इस BLOG को पूरा अंत तक देखने के लिए अगर आपको लगता है आपके किसी फ्रेंड या फैमिली मेंबर को यह कोचिंग बेनिफिट कर सकती है तो उनके साथ भी यह BLOG जरूर शेयर करना आई वुड बी हाईली ग्रेटफुल सो सी यू सून एंड लेट्स रेवल शनाइडरमैन |
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